H-1B visa rules: अमेरिका की ट्रंप सरकार H-1B वीजा, स्टूडेंट वीजा, ग्रीन कार्ड और H-4 वीजा से जुड़े कई नियम बदलने की तैयारी कर रही है। ये बदलाव अभी लागू नहीं हुए हैं लेकिन इनसे पता चलता है कि आने वाले समय में अमेरिका में पढ़ाई करना और नौकरी पाना ज्यादा मुश्किल और महंगा हो सकता है। इसका बड़ा असर भारतीय छात्रों और नौकरी करने वाले लोगों पर पड़ सकता है।
अगस्त में सख्त हो सकते हैं H-1B नियम
अमेरिका का होमलैंड सिक्योरिटी विभाग अगस्त में H-1B वीजा से जुड़ा नया प्रस्ताव जारी कर सकता है। अभी अमेरिका हर साल तय सीमा के तहत 85 हजार नए H-1B वीजा जारी करता है।
नए प्रस्ताव में यूनिवर्सिटी और कुछ रिसर्च संस्थानों को मिलने वाली छूट कम की जा सकती है। इसके अलावा उन कंपनियों की ज्यादा जांच हो सकती है जो H-1B कर्मचारियों को अपने क्लाइंट के ऑफिस में काम करने के लिए भेजती हैं। भारतीय IT और कंसल्टिंग कंपनियां इस तरीके का काफी इस्तेमाल करती हैं।
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कंपनियों को यह साबित करना होगा कि कर्मचारी सच में उनके लिए काम करता है। उन्हें यह भी दिखाना होगा कि कर्मचारी क्लाइंट के ऑफिस में खास हुनर वाला काम करेगा। जिन कंपनियों ने पहले H-1B नियम तोड़े हैं उनकी आने वाली अर्जियों की ज्यादा सख्ती से जांच हो सकती है।
H-1B वीजा की फीस बढ़ने की तैयारी
अमेरिकी सरकार H-1B वीजा पर लगने वाली एक और फीस को बढ़ाने की सोच रही है। अभी यह फीस नए H-1B वीजा के लिए आवेदन करने और नौकरी बदलने पर लगती है। नए नियम आने के बाद यह फीस वीजा बढ़ाने के लिए भी देनी पड़ सकती है।
यह फीस उन कंपनियों पर लगती है जिनके अमेरिका में 50 से ज्यादा कर्मचारी हैं और उनमें से आधे से ज्यादा लोग H-1B या L-1 वीजा पर काम करते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर उन कंपनियों पर पड़ेगा जो बाहर के देशों से लोगों को नौकरी के लिए बुलाती हैं।
ग्रीन कार्ड का रास्ता भी हो सकता है महंगा
अमेरिका का लेबर डिपार्टमेंट H-1B और नौकरी के जरिए मिलने वाले ग्रीन कार्ड के लिए सैलरी से जुड़े नियम बदलने की सोच रहा है। शुरुआत में मिलने वाली सैलरी की सीमा बढ़ाई जा सकती है। इससे कंपनियों को बाहर से आए कर्मचारियों को पहले से ज्यादा पैसा देना पड़ सकता है।
ग्रीन कार्ड पाने के लिए नौकरी का विज्ञापन देना, लोगों को निकालना और अमेरिकी कर्मचारियों के साथ बराबरी से पेश आने से जुड़े नियम भी बदल सकते हैं।
छात्रों के रहने के नियमों में भी आ सकता है बदलाव
अमेरिका में पढ़ने वाले विदेशी छात्रों को अभी पढ़ाई चलती रहने तक वहां रहने की इजाजत मिलती है। नए नियमों में छात्रों को एक तय समय तक ही रहने की इजाजत दी जा सकती है। समय पूरा होने पर उन्हें पढ़ाई जारी रखने के लिए फिर से अप्लाई करना होगा।
फरवरी 2027 में OPT से जुड़े नियमों में भी बदलाव हो सकता है, इसमें STEM OPT और Curricular Practical Training के नियम और सख्त किए जा सकते हैं। भारतीय छात्र पढ़ाई खत्म करने के बाद अमेरिका में काम का तजुर्बा लेने के लिए इन मौकों का काफी इस्तेमाल करते हैं।
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