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अमेरिका का ईरान पर बड़ा वार, अब तक की सबसे सख्त आर्थिक घेराबंदी की तैयारी से बढ़ा ग्लोबल तनाव

Дата публикации: 14-08-2026 16:00:04



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अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग के बीच वॉशिंगटन अब तेहरान पर आर्थिक दबाव और बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। अमेरिका ने कहा है कि वह ईरान के खिलाफ ऐसी आर्थिक कार्रवाई करने वाला है, जैसी पहले कभी नहीं देखी गई। इस कदम के साथ स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर जारी नाकाबंदी भी जारी रह सकती है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। अब इस पूरे मामले में अमेरिका की नई आर्थिक रणनीति सबसे बड़ा मुद्दा बन गई है।

अगले हफ्ते अमेरिका करेगा बड़े ऐलान

अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि वॉशिंगटन अगले हफ्ते ईरान के खिलाफ नए आर्थिक कदमों का ऐलान करेगा। उन्होंने इसे किसी देश के खिलाफ इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी ‘इकोनॉमिक आइसोलेशन’ रणनीति बताया है। बेसेंट के मुताबिक, अमेरिका आर्थिक प्रतिबंधों के साथ ईरान के बंदरगाहों से होने वाली गतिविधियों पर भी दबाव बनाए रखना चाहता है।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर जारी है नाकाबंदी

अमेरिका ने कहा है कि वह स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर नेवल ब्लॉकेड यानी समुद्री नाकाबंदी को लंबे समय तक जारी रख सकता है। यह इलाका दुनिया के करीब एक-पांचवें तेल और गैस शिपमेंट के लिए बेहद अहम है। ऐसे में यहां जारी तनाव का असर ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर पड़ सकता है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि जहाजों की रोटेशन व्यवस्था के जरिए इस नाकाबंदी को लंबे समय तक चलाया जा सकता है।

ईरान की अर्थव्यवस्था पर बढ़ा दबाव

जंग और अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान पहुंचा है। देश की कई इंडस्ट्रियल एक्टिविटीज प्रभावित हुई हैं और अमेरिकी नाकाबंदी के कारण कच्चे तेल के एक्सपोर्ट पर भी असर पड़ा है। हालांकि, इससे पहले लगाए गए प्रतिबंध ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम या स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर उसके नियंत्रण को बदलने में सफल नहीं रहे थे।

ट्रंप प्रशासन बढ़ा रहा है दबाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान पर दबाव बढ़ाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि ईरान महंगाई और आर्थिक संकट से जूझ रहा है। हालांकि, अमेरिका में भी इस जंग को लेकर दबाव बढ़ रहा है क्योंकि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर लोगों पर पड़ रहा है।

शांति वार्ता पर नहीं बनी सहमति

ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर बातचीत पहले ही रुक चुकी है। ईरान का कहना है कि प्रतिबंध हटने और फ्रीज किए गए एसेट्स वापस मिलने के बाद ही स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को दोबारा खोला जाएगा। दोनों देश इस रणनीतिक जलमार्ग पर अपना नियंत्रण होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल समाधान निकलता नजर नहीं आ रहा है।

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Классификация: Международные. Схожих патентов: 0. Схожих новостей: 9. Тональность: 0. Информативность: 8.01. Источник: www.businesstoday.in.